UPI का ग्लोबल जलवा, ब्रिटेन भी जुड़ने को तैयार; एसी पर टैक्स घटते ही जेब को राहत
व्यापार: ब्रिटेन के प्रतिष्ठित आर्थिक अखबार फाइनेंशियल टाइम्स (एफटी) ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में भारत की यूपीआई प्रणाली को वैश्विक स्तर पर सबसे सफल डिजिटल फाइनेंशियल नवाचार बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का यह मॉडल अब ब्रिटेन और यूरोप की वित्तीय व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है। लंदन की वित्तीय संस्थाएं भारत से सहयोग बढ़ाना चाहती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 में भारत में यूपीआई से कुल 2.4 लाख करोड़ डॉलर के लेनदेन हुए। यह अमेरिका, चीन और यूरोप की डिजिटल पेमेंट प्रणालियों की तुलना में कहीं तेज है। एफटी ने लिखा, ब्रिटिश वित्त मंत्रालय यानी ट्रेजरी और बैंक ऑफ इंग्लैंड भारतीय मॉडल पर तकनीकी सहयोग पर विचार कर रहे हैं। यूके पेमेंट्स सिस्टम रेगुलेटर (पीएसआर) की सीईओ क्रिस टाउनसेंड ने कहा, भारत ने जो स्केलेबल और लो-कॉस्ट डिजिटल इन्फ्रा बनाया है, उसे हम अपने बाजार के अनुरूप ढालने पर विचार कर रहे हैं। फ्रांस, सिंगापुर, यूएई और नेपाल पहले से ही यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। ब्रिटेन इस सूची में शामिल होकर भारत-यूके आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई दे सकता है
