विदेश

एक दूसरे को मिटाने पर तुले हैं इजरायल और ईरान,उधर अमेरिका भी एक्शन में

तेहरान । ईरान और इजरायल के बीच तनाव लगातार चरम पर बना हुआ है। दोनों मुल्क एक-दूसरे को खत्म करने यानी मिटाने की बात कर रहे हैं। इस बीच इजरायल ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों पर प्रहार किया है। इस प्रहार से ईरान तिलमिलाया हुआ है। इस संदर्भ में इजरायल ने अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनकी ट्रंप से बात हुई है और दोनों देश ईरानी की धमकी को लेकर चिंतित हैं। हम अमेरिका के साथ मिलकर ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 26 अक्टूबर के हमले में ईरान के परमाणु प्रोग्राम पर बड़ा चोट किया था।
इजरायली प्रधानमंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा कि 26 अक्टूबर के हमले में ईरान के परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि परमाणु शक्ति संपन्न ईरानी हमारे अस्तित्व के लिए खतरा है। हम अपने पड़ोसी देशों के साथ शांति समझौता चाहते हैं, जिससे कि वैश्विक शांति भी स्थापित हो सके। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल से अपील की थी कि वह ईरान के परमाणु ठिकानों और तेल कुओं को निशाना न बनाए। इस बीच अमेरिका नेतन्याहू की मनमानी से भी खुश नहीं है। पिछले दिनों गाजा में आम लोगों के खिलाफ इजरायली कार्रवाई को लेकर अमेरिका चिंतित है। उसने वेस्ट बैंक में काम कर रहे छह ठिकानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। गाजा में इजरायली हमले में आम लोगों की संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा है कि इजरायल इस क्षेत्र शांति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *