पीएम मोदी की रैली में सरकारी कर्मचारियों को डराकर बुलाया गया
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के खात्मे के करीब 5 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार घाटी पहुंचे। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले कश्मीर को करीब 6,400 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया। इसमें कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास शामिल रहा। वहीं, उनके दौरे के दौरान घाटी के लोगों में गजब का उत्साह देखा गया। पीएम की रैली में भारी भीड़ होने पर अब सियासत शुरु हो गई है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों (उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती) दोनों ने सूबे के एलजी प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को डराकर जबरन प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बुलाया गया है।
शून्य डिग्री में कर्मचारियों को जबरन लामबंद किया
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों को जबरन शून्य से नीचे तापमान में सुबह पांच बजे बडगाम बस स्टैंड पर वाहनों में भरकर पीएम की रैली में ले जाया जा रहा था। यह काफी निराशाजनक है कि कर्मचारियों को जबरन लामबंद किया जा रहा है और यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि 2019 के बाद कश्मीर में सब कुछ ठीक है।
