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छत्तीसगढ़ में शतरंज ओलंपियाड के मशाल की मौजूदगी यहां के खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी – भूपेश बघेल

भारत में आयोजित हो रहे 44वें शतरंज ओलंपियाड की मशाल का आज रायपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल सहित अनेक खेल संघों, खिलाड़ियों, स्कूली बच्चों और जनप्रतिनिधियों ने जोरदार स्वागत किया। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित ग्रैंड मास्टर प्रवीण थिप्से भुवनेश्वर से यह मशाल लेकर रायपुर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को यह मशाल सौंपा। दोनों ने मंच पर शतरंज भी खेला। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने यह मशाल राज्य की शतरंज खिलाड़ी वूमन फीडे मास्टर (Woman FIDE Master) सुश्री किरण अग्रवाल को सौंपा। सुश्री अग्रवाल राज्य चेस एसोशिएशन के महासचिव श्री विनोद राठी के साथ इसे लेकर हैदराबाद जाएंगी। भारत की आजादी के इस साल 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर शतरंज ओलंपियाड की मशाल देश के 75 शहरों से होकर गुजर रही है जिसके 61वें पड़ाव के रूप में आज यह रायपुर पहुंचा है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष और विधायक कुलदीप जुनेजा, महापौर  एजाज ढेबर तथा छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव गुरूचरण सिंह होरा भी स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए।
शतरंज ओलंपियाड की मशाल का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह बहुत गौरव का विषय है कि वर्ल्ड चेस फेडरेशन ने पहली बार ओलंपिक मशाल की तर्ज पर चेस मशाल रिले की अनुमति दी है। भविष्य में चेस ओलंपियाड का आयोजन भले ही किसी भी देश में हो, उसके मशाल की शुरूआत भारत से ही होगी। रायपुर के साइंस कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि इस बार चेस ओलंपियाड की मेजबानी हमारा देश कर रहा है। मैं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री स्टालिन को विशेष तौर पर बधाई देता हूं कि उन्होंने इस गौरवपूर्ण आयोजन की मेजबानी के लिए अपने राज्य की ओर से 75 करोड़ रुपए की गारंटी और विश्व स्तरीय अधोसंरचना उपलब्ध कराई है। तमिलनाडु का महाबलीपुरम 188 देशों के दो हजार से अधिक खिलाडियों के दांव-पेंच तथा शह-मात के दिमागी कौशल का गवाह बनेगा। 

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