Bihar में पेपर लीक पर 5 साल की जेल, 10 लाख रुपए जुर्माना, पास हुआ नया बिल
नीट-यूजी (NEET UG) पेपर लीक विवाद के बीच बिहार विधानसभा ने बुधवार को ध्वनिमत से पेपर लीक विरोधी विधेयक को मंजूरी दे दी। इस विधेयक का उद्देश्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ उपायों को मजबूत करना है। बिहार विधानसभा ने बुधवार को राज्य द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य कदाचार की समस्या पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ये विधेयक पारित किया गया।
विधेयक में ऐसे कदाचार में शामिल लोगों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें तीन से पांच वर्ष की जेल की सजा और 10 लाख रुपए का जुर्माना शामिल है। इसके अलावा, अगर कोई सेवा प्रदाता, चाहे वह सरकारी संस्था हो या निजी एजेंसी, कदाचार में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। उसे चार साल के लिए सेवाओं से निलंबित कर दिया जाएगा। आरोपी सेवा प्रदाता को परीक्षा आयोजित करने की कुल लागत का एक हिस्सा भी देना होगा। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी की ओर से प्रस्तुत विधेयक को विपक्ष के बहिर्गमन के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
