विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद दिल्ली में सस्ते हुए खाने के ये तेल
नई दिल्ली: विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को ऊंचे भाव पर मांग न होने से कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन और सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर आयातित तेलों के मुकाबले सस्ता होने के कारण सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया। बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग 1.2 प्रतिशत की तेजी थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में कारोबार का सामान्य रुख है।
सूत्रों ने कहा कि आयातित तेलों के मुकाबले देशी तेलों के सस्ता होने से इन तेलों की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बाजार में सरसों का तेल 158-160 रुपये लीटर मिल रहा है जबकि सोयाबीन का तेल 165-170 रुपये लीटर है। देशी तेलों के भाव आयातित तेलों से सस्ता होने के कारण इनकी मांग है जिससे सरसों एवं मूंगफली तेल तिलहन और बिनौला तेल में सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्था- हाफेड और नेफेड को बाजार भाव से सरसों की खरीद कर स्टॉक कर लेना चाहिये जो कठिनाई के दिनों में देश के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। जब आयातित तेल महंगे बिक रहे हों, तो ऐसे में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों की खरीद करना मुश्किल होगा, इसलिए बाजार भाव पर इसकी खरीद करने की जरूरत है। आयातित तेलों के महंगा होने के कारण खाद्यतेल मांग को फिलहाल सरसों और मूंगफली के जरिये पूरा किया जा रहा है।