S-400 मिसाइल सिस्टम और मिलिट्री स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई जारी रहेगी
रूस पर अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने प्रतिबंधों की बौछार (US Sanctions on Russia) की हुई है। रूस के बैंक, पेट्रोलियम, एविएशन, स्पेस, बिजनेस समेत लगभग हर सेक्टर को प्रतिबंधों (Sanctions on Russia) में शामिल किया गया है। यहां तक कि रूसी खिलाड़ियों को भी कई अंतरराष्ट्रीय खेल संघ और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से मना कर दिया गया है। ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि इन प्रतिबंधों का असर भारत-रूस डिफेंस डील और दूसरे सैन्य उपकरणों की खरीद-फरोख्त पर भी पड़ सकता है। इस बीच, दिल्ली में तैनात रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने भरोसा दिया है कि भारत (India Russia Relations) को पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच S-400 मिसाइल सिस्टम (S-400 Missile System India) और दूसरे सैन्य स्पेयर पार्ट्स की निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी। भारत के 70 फीसदी सैन्य हार्डवेयर रूस में बने हुए हैं। ऐसे में इनकी मरम्मत के लिए समय-समय पर रूस से स्पेयर पार्ट्स खरीदे जाते हैं।
रूसी राजदूत बोले- नहीं पड़ेगा प्रतिबंधों का असर
रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि भारत के लिए सैन्य हार्डवेयर और स्पेयर पार्ट्स से संबंधित किसी भी लेनदेन पर पश्चिमी प्रतिबंधों का असर नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इन प्रतिबंधों को बेअसर करने के लिए दोनों देशों के बीच वित्तीय तंत्र मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि मुझे भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति के संबंध में कोई बाधा नहीं दिखती है। हमारे पास तंत्र है और बिना किसी अड़चन के सौदे को जारी रखेंगे
