5वें चरण में राममय दिखे, अब काशी-गोरखपुर में और गाढ़ा होगा सपा की भक्ति का रंग
ज्यों-ज्यों चुनाव पूर्वांचल की ओर बढ़ रहा है, अखिलेश हिन्दुत्व की ओर बढ़ रहे हैं। उनका टर्निंग प्वाइंट अयोध्या है। पहली बार न सिर्फ वे हनुमान गढ़ी गए। बल्कि अपने मंच पर एक संत को भी चढ़ाया और उनसे आशीर्वाद लिया। ये फोटो उन्होंने सोशल मीडिया पर भी वायरल करने की कोशिश की। इन सबके बीच वो रामलला के दर्शन करने नहीं गए। वह नहीं चाहते थे कि ऐसा संदेश जाए कि वह भी भाजपा के हिन्दुत्व की राह पर चल निकले हैं।
चुनाव शुरू होने से पहले खुद को बताया था असली केशव
विधानसभा चुनाव शुरू होने से पहले अखिलेश ने भाजपा की काट के लिए खुद को नर्म हिन्दुत्व के प्रतिनिधि के तौर पर पेश करने की मुहिम को और धार देनी शुरू कर दी। अखिलेश सीएम योगी के मथुरा से चुनाव लड़ने पर बोले, ‘मेरे सपने में भी कृष्ण आते हैं।’ अखिलेश खुद को असली केशव (श्रीकृष्ण) के वंशज भी बता चुके हैं। वह इन कोशिशों में परहेज भी कर रहे हैं। जिससे भाजपा को उन पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाने का मौका नहीं मिले।
उन्होंने राम मंदिर का दर्शन करने के लिए भी कहा। सपा के प्रचार गीतों में अखिलेश यादव को ‘कृष्ण’ की उपमा देकर विरोधियों का परास्त करने की कोशिश हो रही है। खुद कई मौकों पर अखिलेश अपने को भगवान विष्णु का भक्त बताते हैं। वो इटावा के बीहड़ में भगवान विष्णु का मंदिर बनवाने की बात भी कह चुके हैं।
