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राज्यपाल बोलीं- विश्व में कहीं से भी कुलपति लिए जा सकते हैं

छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय में स्थानीय कुलपति की मांग को लेकर छात्र और टीचर्स विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले भी प्रदेश में कई विश्व विद्यालयों में बाहर लाकर कुलपति बिठाने का विरोध होता रहा है। कुलपति की नियुक्ति राज्यपाल के हाथ में होती है। कांग्रेस इसे मनमानी बताती है तो भाजपा कहती है इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। अब पूरे मामले में चुप्पी तोड़ते हुए छत्तीसगढ़ की राज्यपाल ने खुद इस पूरे मुद्दे को लेकर अहम बात कही है।

राज्यपाल अनुसुइया उइके ने मीडिया से कहा- कहा जा रहा है कि स्थानीय व्यक्ति को कुलपति बनाया जाए, ठीक है स्थानीय भावनाएं हैं, मगर आप बताइए कि इतना बड़ा प्रदेश है यहां 32 प्रतिशत ट्राइबल, 14 प्रतिशत एससी और बाकी पिछड़ा वर्ग के लोग हैं। क्या आप चाहते हैं कि एक ही समाज के लोग केवल कुलपति बने अन्य समाज के नहीं। अगर देखा जाए तो 14 में केवल एक ही समाज के लोगों को कुलपति का दायित्व है, अब..(एक सरनेम लेकर राज्यपाल ने खुद को रोका) अब इस बारे में मुझे नहीं बोलना चाहिए। सभी समाज को मौका मिलना चाहिए। संविधान के तहत ही नियुक्ति होगी, नाम सामने आएं हैं जो मेरिट में होगा उस पर विचार करके आगे बढ़ाया जाएगा।

विश्व में कहीं से भी ले सकते हैं कुलपति
राज्यपाल ने स्थानीय कुलपति विवाद पर जवाब में कहा कि जवाहर लाल नेहरू और मदन मोहन मालवीय कहा करते थे कि विश्वविद्यालयों में जरुरत पड़ी तो विदेश से भी कुलपति लाए जा सकते हैं। एक विश्वविद्यालय के अंदर 150 महाविद्यालय होते हैं। ऐसा टैलेंट चाहिए जो उन कॉलेज पर कंट्रोल करता है, इसलिए देश के भर से आवेदन लिए जाते हैं। अनुभव और मेरिट के आधार पर सबसे अच्छे को प्राथमिकता देंगे। राज्यपाल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के 14 में से 9 संस्थानों में छत्तीसगढ़ के ही लोग हैं।

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