भारतीय सेना प्रमुख के बयान से बौखलाया चीनी ड्रैगन
बीजिंग
भारत के साथ बार-बार बातचीत के नाम पर ‘धोखा’ दे रहा चीनी ड्रैगन सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की चेतावनी से बौखला गया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत और चीन राजनयिक और सैन्य चैनलों से बातचीत कर रहे हैं ताकि सीमा पर तनाव को कम किया जा सके। ड्रैगन ने कहा कि हम आशा करते हैं कि भारत के लोग गैर रचनात्मक टिप्पणी करने से बचेंगे। इससे पहले सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने बुधवार को चीन के नए सीमा कानून को खारिज करते हुए दो टूक संदेश दिया था कि भारतीय सेना पीएलए को करारा जवाब देगी।
सेना प्रमुख के इसी बयान पर चीन बौखला गया है और वहां के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके टिप्पणी नहीं करने की नसीहत दी है। भारत और चीन के बीच बुधवार को 14वें दौर की वार्ता हुई थी जो किसी हल तक पहुंचने में विफल रही। चीन बार-बार बातचीत के नाम पर केवल समय काट रहा है और वह अक्साई चिन से लेकर अरुणाचल तक अपनी सैन्य तैयारी को मजबूत बनाने में जुटा हुआ है।
जब तक मुद्दा सुलझेगा नहीं, ऐसे चीजें आती रहेंगी
इसी खतरे को देखते हुए सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा था कि चीन के साथ एलएसी पर आंशिक रूप से सैनिकों को पीछे हटने की कार्रवाई हुई है लेकिन अभी खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न फ्रंट पर विभिन्न लॉन्च पैड में आतंकवादियों की सक्रियता बढ़ी है। सेना प्रमुख ने कहा कि हमने पूर्वी लद्दाख समेत पूरे नॉर्दर्न फ्रंट में फोर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, हथियारों की क्षमता बढ़ाई है। नॉर्दर्न फ्रंट में पिछले डेढ़ साल में हमारी क्षमता कई तरह से बढ़ी है।
