पंजाब में आचार संहिता लगने से ठीक पहले नए डीजीपी की नियुक्ति
चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार ने 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी वीके भावरा को पंजाब का नया डीजीपी नियुक्त किया है। तीन दिन पहले ही आईपीएस वीके भावरा का नाम संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शीर्ष तीन आईपीएस अधिकारियों के नाम के साथ भेजा था। वीके भावरा का नाम चयन समिति की बैठक के बाद तय किया गया था। पंजाब में चार महीने के अंदर चार बार डीजीपी बदले गए हैं। वीरेंद्र कुमार भावरा चौथे डीजीपी हैं।
पंजाब पुलिस का नेतृत्व करने के लिए आईपीएस वीके भावरा, 1987-बैच के अधिकारी और राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख दिनकर गुप्ता और 1988-बैच के अधिकारी प्रबोध कुमार का नाम भेजा गया था। राज्य सरकार के पास यूपीएससी की ओर से भेजे गए तीन आईपीएस अधिकारियों में से एक को नियुक्त करने का विशेषाधिकार होता है। इसी के तहर वीके भावरा को सरकार ने डीजीपी बनाया है।
सरकार को उठानी पड़ी शर्मिंदगी
चूंकि पंजाब सरकार पूरी कोशिश थी कि यूपीएससी 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के नाम पर विचार करे। चन्नी सरकार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा क्योंकि यूपीएससी ने चट्टोपाध्याय का नाम हटा लिस्ट से हटा दिया। क्योंकि वह 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं।
