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नवाब मलिक का फडणवीस पर आरोप- उनकी सरकार में जाली नोट का रैकेट चला

मुंबई में क्रूज ड्रग केस को लेकर समीर वानखेड़े पर लगातार हमला कर रहे नवाब मलिक ने बुधवार को फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आज उनके निशाने पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस थे। मलिक ने कहा कि हम जिस अधिकारी के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं उससे बचाने का प्रयास हो रहा है क्योंकि देवेंद्र जी के उस अधिकारी से पुराने संबंध हैं। 2008 में कोई अधिकारी नौकरी पर आता है और 14 साल से मुंबई शहर छोड़ता नहीं इसके पीछे क्या राज है?

मलिक ने कहा, ‘8 नवंबर 2016 को जब नोट बंदी हुई तो मोदी जी ने कहा था कि बड़े पैमाने पर जाली नोट खत्म करने के लिए हम नोटबंदी का काम कर रहे हैं। नोटबंदी हुई तो हर देश के हर हिस्से में जाली नोट पकड़े जाने लगे। लेकिन महाराष्ट्र में एक भी जाली नोट का मामला सामने नहीं आया। देवेंद्र जी के प्रोटेक्शन में महाराष्ट्र में जाली नोटों का खेल चल रहा था। 8 अक्टूबर 2017 को BKC में डायरेक्टर इंटेलिजेंस रिवेन्यू ने एक छापेमारी की, जिसमें ₹14 करोड़ के जाली नोट पकड़े गए।’

जाली नोट का कनेक्शन ISI और पाकिस्तान-बांग्लादेश से था। मुंबई से इमरान आलम शेख और पुणे से रियाज शेख के अलावा नवी मुंबई में भी एक गिरफ्तारी हुई थी। लेकिन 14 करोड़ 56 लाख की जब्ती को 8 करोड़ 80 लाख रुपए बताकर मामला दबा दिया गया।

जाली नोट चलाने वालों को दो दिन में जमानत दे दी गई
पाकिस्तान के जाली नोट भारत में चलें, मामला दर्ज हो, तब भी उसमें कुछ दिनों में जमानत हो जाती है। मामला NIA को नहीं दिया जाता। नोट कहां से आ रहे थे, उसकी अंतिम जांच कभी आगे नहीं बढ़ती। जो लोग जाली नोट का रैकेट चला रहे थे, उन्हें तत्कालीन सरकार का संरक्षण था।

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