लोबान या लोहबान धूप की खुशबू कर सकती है कैंसर-अस्थमा जैसी कई बीमारियों को दूर
लोबान या लोहबान जिसे ओलिबैनम भी कहा जाता है और ये बोसवेलिया पेड़ के राल से बनाया जाता है। यह पेड़ आमतौर पर भारत, अफ्रीका और मध्य पूर्व के शुष्क, पहाड़ी क्षेत्रों में उगता है। यह बहुत सुगंधित होती है और इसका उपयोग अगरबत्ती व इत्र बनाने में किया जाता है। इसका रंग पीला और भूरा होता है। लोबान में एक वुडी, मसालेदार गंध होती है और इसे सांस में लिया जा सकता है या फिर त्वचा के माध्यम से अवशोषित किया जा सकता है।आयुर्वेद में मुख्य रूप से गठिया, पाचन में सुधार से लेकर अस्थमा और बेहतर ओरल हेल्थ के लिए लोबान का इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं, ये कुछ प्रकार के कैंसर से लड़ने में भी मदद कर सकती है। लोबान, अन्य हर्बल दवाओं के कॉम्बिनेशन में, पेट में दर्द, सूजन, और यहां तक कि इरीटेबल बाउन सिंड्रोम (IBS) वाले लोगों में डिप्रेशन और चिंता को कम करता है। लोबान ओरल हेल्थ में सुधार और मसूड़ों की बीमारी को रोकने में मदद कर सकती है।लोबान का अर्क एग्रीगेटिबैक्टर एक्टिनोमाइसेटेमकोमिटन्स के खिलाफ प्रभावी है जो कि एक बैक्टीरिया है और यही मसूड़ों की बीमारी का कारण बनता है। एक्सपर्ट ने सुझाव दिया कि लोबान मुंह में इंफेक्शन को कम कर सकता है। हालांकि, ओरल हेल्थ पर लोबान के प्रभाव पर अधिक शोध की आवश्यकता है।एक अन्य शोध में पता चला है कि लोबान ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, अग्नाशय कैंसर, स्किन कैंसर और कोलन कैंसर यानी पेट के कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ भी प्रभावी है। यह कैंसर के उपचार के दुष्प्रभावों को कम करने में भी मदद कर सकता है। हालांकि, इस पर और अधिक शोध की जरूरत है।
