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छत्तीसगढ़

बाढ़ आपदा से निपटने काल्पनिक स्थिति रची गई और सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया बाढ़ पीडि़त

दुर्ग। एसडीआरएफ की टीम ने शिवनाथ की बाढ़ में एक व्यक्ति को फंसे देखा। टीम एक्टिव हुई और तुरंत गोताखोरों ने फंसे हुए व्यक्ति को बचा लिया। बाढ़ आपदा की स्थिति में ऐसी काल्पनिक स्थिति बनाकर यह कवायद आज शिवनाथ नदी के किनारे प्रशासन ने की। इसमें आपदा की स्थिति में किस तरह से रिस्पांस करना है। किस तरह से उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई करनी है इन सब पर माकड्रिल किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए बाढ़ आपदा प्रभारी तथा डिप्टी कलेक्टर जागेश्वर कौशल ने बताया कि आज सुबह माकड्रिल के माध्यम से तैयारियों का जायजा लिया गया। सभी मोटर बोट्स अच्छी हालत में हैं। टीम किसी भी तरह के रिस्पांस के लिए तैयार है। आज माक ड्रिल के माध्यम से इसका पुख्ता प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि बोट के साथ ही अन्य बचाव उपकरण भी रखे गये थे और इनका डिस्प्ले किया। ऐसी ही काल्पनिक स्थिति रची गई।

शिवनाथ के किनारे किसी व्यक्ति से तट के ही पास खड़ी एसडीआरएफ की टीम को बाढ़ में एक व्यक्ति के फंसे होने की जानकारी दी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची। बाढ़ पीडि़त को बाहर लाया गया। बाहर प्रोटोकाल के मुताबिक दवाएं आदि सब कुछ रखा गया। श्री कौशल ने बताया कि माकड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बाढ़ आपदा के दौरान होने वाली किसी भी परिस्थिति का सामना करने दल तैयार है। बाढ़ से बचाव के संबंध में सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है तथा बाढ़ की स्थिति में राहत कार्य त्वरित आरंभ करने के लिए पूरी तैयारी है। टीम अत्याधुनिक बाढ़ बचाव उपकरण, कटिंग टूल्स व संचार उपकरण, मेडिकल फस्र्ट रेस्पांडर किट, डीप डाइविंग सेट इनफ्लैटेबल लाइटिंग टावर आदि से लैस रहेंगे। टीमों में कुशल गोताखोर, तैराक और मेडिकल स्टाफ मौजूद रहेंगें। जो कि बाढ़ आपदा के दौरान राहत व बचाव कार्य में लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने में सक्षम होंगे।

इस मौके पर श्री कौशल के साथ एसडीएम विनय पोयाम एवं डिप्टी कलेक्टर तथा अधीक्षक भू अभिलेख प्रवीण वर्मा भी उपस्थित थे। साथ ही इस मौके पर बचाव कार्य के दौरान समन्वय करने वाले अन्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। इनमें जिला सेनानी विश्वकर्मा, नगर निगम दुर्ग से नारायण ठाकुर, नगर निगम भिलाई के उपायुक्त सुनील अग्रहरी, तहसीलदार आनंद बंजारे, वेटनरी विभाग से डॉक्टर अर्चना जैन, जलसंसाधन विभाग के कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।