नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में हुए शामिल, प्रदेशवासियों को दी नवरात्रि की शुभकामनाएं
गरबा महोत्सव हमारी आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का सुंदर संगम : मुख्यमंत्री
महतारी वंदन योजना से लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को मिल रही आर्थिक मजबूती, प्रदेश की 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से मजबूत होता है परिवार और समाज, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका
माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में शक्ति आराधना की समृद्ध परंपरा, देवी शक्तिपीठ हमारी आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर
‘विकास भी, विरासत भी’ की भावना के साथ प्रदेश की संस्कृति, आस्था और परंपराओं को सहेजते हुए आगे बढ़ रही राज्य सरकार
रायपुर, अक्टूबर 2026/ नवरात्रि का पावन पर्व शक्ति की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान, सामाजिक एकता और हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। हमारी सरकार इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महिलाओं की प्रगति केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में शामिल होकर प्रदेशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर पहुंचे और माता के दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही वे मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित श्री पाटीदार नवरात्रि महोत्सव, भानपुरी में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज के गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव तथा अमलीडीह क्षेत्र में आयोजित ढोलिडा रास गरबा-2026 सहित विभिन्न आयोजनों में सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर पूरे देश और प्रदेश में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत वातावरण निर्मित होता है। नौ दिनों तक शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना हमें जीवन में साहस, संयम, सकारात्मकता और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और समरसता की भावना को भी मजबूत करता है।
गरबा हमारी आस्था और सामाजिक एकता का उत्सव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गरबा केवल नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति है। गुजरात से प्रारंभ हुई गरबा की समृद्ध परंपरा आज पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाती है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का सुंदर उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्योहार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। अलग-अलग समाज और समुदाय जब एक साथ उत्सव मनाते हैं, तो आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना और मजबूत होती है। यही हमारी भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है। छत्तीसगढ़ में भी सभी समाजों ने अपनी परंपराओं और संस्कृति को सहेजते हुए प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गरबा महोत्सवों में माताओं, बहनों और बेटियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मातृशक्ति की भागीदारी से ऐसे आयोजन और अधिक सुंदर तथा गरिमामय बनते हैं। नवरात्रि का पर्व हमें नारी शक्ति के सम्मान के साथ उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराता है।
महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया माताओं-बहनों का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है।
