1978, देश की तत्कालीन जनता पार्टी सरकार ने गंभीर रूप से आर्थिक संकट में घिरी अपोलो टायर्स कंपनी के मैनेजमेंट का नियंत्रण अपने हाथों ले लिया
1978, देश की तत्कालीन जनता पार्टी सरकार ने गंभीर रूप से आर्थिक संकट में घिरी अपोलो टायर्स कंपनी के मैनेजमेंट का नियंत्रण अपने हाथों ले लिया था। आर्थिक संकट का आलम यह था कि 1972 में शुरू हुई इस कंपनी पर 1978-79 तक 8 करोड़ रुपए की पूंजी पर करीब 30 करोड़ रुपए का घाटा था।
रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं थे। हालांकि मैनेजमेंट ने सरकारी नियंत्रण के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की। संस्थापक रौनक सिंह कानूनी पचड़ों से इतने परेशान हो गए कि उन्होंने अपने बेटे
