बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने SIR के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाने और फॉर्म 8 को रिजेक्ट करने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को फटकार लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने SIR के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाने और फॉर्म 8 को रिजेक्ट करने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को फटकार लगाई। बेंच ने कहा- आयोग का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक वोट डालें और इस मकसद को दरकिनार नहीं किया जा सकता।
जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित एस. जामसांडेकर की बेंच ने टिप्पणी की कि SIR प्रक्रिया परेशान करने वाली है। कोर्ट ने कहा कि इसमें कानून की जगह सॉफ्टवेयर के हिसाब से काम करने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। वोटर का नाम हटाने से पहले उसे सुनवाई का मौका मिलना चाहिए।
मामला सांता क्रूज विधानसभा क्षेत्र के एक परिवार के छह सदस्यों से जुड़ा है। परिवार के लोग उसी विधानसभा क्षेत्र में दूसरे घर में शिफ्ट हुए थे। उन्होंने पता बदलने के लिए फॉर्म 8 भरा था, लेकिन SIR के दौरान उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए।
