अगर ‘नर्ड इकोनॉमी’ (दिमागी और शौकिया खेलों का बाजार) के लिए कोई सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था
अगर ‘नर्ड इकोनॉमी’ (दिमागी और शौकिया खेलों का बाजार) के लिए कोई सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था, तो वह यकीनन लॉकडाउन का दौर था। उस वक्त घरों में बंद उपभोक्ताओं के पास पर्याप्त समय और खर्च करने के लिए पैसा थे। लेकिन हर कंपनी लॉकडाउन के बाद मिले इस मौके को भुनाने में कामयाब नहीं रही।
