त्रिशाला के मुताबिक, उन्होंने पिता से कहा था कि वह सिर्फ उनके करीब रहना चाहती
त्रिशाला के मुताबिक, उन्होंने पिता से कहा था कि वह सिर्फ उनके करीब रहना चाहती हैं। इस पर संजय दत्त ने समझाया कि सिर्फ स्टार किड होने से कोई ए-लिस्ट एक्ट्रेस नहीं बनता। उन्होंने बेटी को वही करने की सलाह दी, जिसमें उसकी असली रुचि हो। त्रिशाला ने कहा कि उनके पिता जिंदगी में मुश्किल दौर से गुजरे हैं। उन्होंने हमेशा उन्हें सही दिशा दिखाने की कोशिश की।
बॉलीवुड में करियर बनाने के बजाय त्रिशाला ने मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र चुना। वह अब थेरेपिस्ट हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में मानसिक स्वास्थ्य पर कम खुलकर बात होती है। वह लोगों को बताना चाहती थीं कि संघर्ष सामान्य है। त्रिशाला ने दीपिका पादुकोण की भी तारीफ की, जिन्होंने डिप्रेशन पर खुलकर बात की थी।
