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व्यापार

कच्चे तेल की नरमी बनी अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत

भारत का व्यापार घाटा: रिकॉर्ड गिरावट के बाद अब सुधार की उम्मीद

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी व्यापार के मोर्चे से एक अहम खबर है। बैंक ऑफ बड़ौदा की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का व्यापार घाटा 333.3 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और नए व्यापार समझौतों से आने वाले समय में बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

  1. व्यापार घाटे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के मुख्य कारण

पिछले वित्त वर्ष में व्यापार घाटा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण बहुमूल्य धातुओं और वैश्विक अनिश्चितता को माना जा रहा है:

सोना और चांदी: सोने के आयात में 26% की वृद्धि हुई, जबकि चांदी के आयात में 151% का जबरदस्त उछाल देखा गया।
निर्यात की धीमी रफ्तार: वस्तुओं का निर्यात 441.7 अरब डॉलर रहा, जिसमें केवल 0.9% की मामूली बढ़त दर्ज की गई।
बढ़ता आयात बिल: कुल आयात 721 अरब डॉलर से बढ़कर 775 अरब डॉलर तक पहुं

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