Google Analytics Meta Pixel
व्यापार

दोहरी मार: प्रॉपर्टी में निवेश गिरा, महिंद्रा कारें होंगी महंगी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण आपूर्ति शृंखला में आई रुकावटों और बढ़ती कीमतों के चलते चालू वित्त वर्ष में भारत में रिफाइंड सूरजमुखी तेल की बिक्री में 10 फीसदी घट सकती है। क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा, दोहरी चुनौतियों के कारण मांग पर असर पड़ेगा। उपभोक्ता राइस ब्रान और सोयाबीन तेल जैसे सस्ते विकल्पों का रुख कर सकते हैं।

हल्की बढ़त के साथ बंद हुए अमेरिकी शेयर बाजार

अमेरिका के शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार हल्की बढ़त के साथ बंद हुए और पूरे हफ्ते में मुनाफे के साथ खत्म हुए। यह ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहला ऐसा हफ्ता रहा जब बाजार ने बढ़त दर्ज की। हालांकि दिन की शुरुआत में बाजार में गिरावट देखी गई थी, लेकिन बाद में स्थिति संभल गई। इस बीच कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं। अमेरिकी कच्चा तेल 111 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इसकी बड़ी वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर हमले जारी रखेगा। इससे युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद कम हो गई है और बाजार पर दबाव बना हुआ है। टेस्ला के शेयर में 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आई, क्योंकि कंपनी की बिक्री उम्मीद से कम रही। वहीं कुछ टेक कंपनियों के शेयरों में तेजी आई, जिससे बाजार को सहारा मिला। तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई का खतरा बढ़ गया है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं, जिससे आम लोगों का खर्च बढ़ रहा है। इसके अलावा हवाई यात्रा और सामान ढुलाई भी महंगी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा चलता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी कम हो जाएगी।

रियल एस्टेट में विदेशी निवेश 75 फीसदी घटा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *