सरकार का बड़ा फैसला: संकटग्रस्त इलाकों को मिलेगा आर्थिक सहारा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए नई कर्ज गारंटी योजना लाने की तैयारी कर रही है। इस योजना का मकसद खासतौर पर उन कंपनियों को आसानी से कर्ज उपलब्ध कराना है, जो आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के साथ कच्चे माल और लॉजिस्टिक खर्च की बढ़ती लागत से परेशान हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नई योजना के तहत सरकार दो से 2.5 लाख करोड़ रुपये तक की कर्ज गारंटी दे सकती है। यह कोविड महामारी के दौरान शुरू की गई आपातकालीन कर्ज गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के मॉडल पर आधारित होगी। वित्तीय सेवा विभाग इस योजना पर काम रहा है। माना जा रहा है कि सरकार अगले 15 दिनों के भीतर इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस राहत पैकेज का मकसद यह सुनिशि्चत करना है कि आपूर्ति शृंखला में रुकावट की वजह से जो क्षेत्र चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उन्हें नकदी की कमी न हो और वे अपना कारोबार चालू रख सकें। योजना के तहत उन कंपनियों को सरकार की गारंटी पर कर्ज मिलेगा।
अनिश्चित माहौल में मिलेगा भरोसा
सूत्रों ने कहा, इस योजना का मकसद कंपनियों को भरोसा देना है, ताकि वे अनिश्चित
