फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट, RBI का बड़ा कदम—अर्थव्यवस्था में 65,322 करोड़ डाले
नई दिल्ली। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार दो महीने बाद पहली बार 700 अरब डॉलर के नीचे आ गया है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 20 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का कुल भंडार घटकर 698.35 अरब डॉलर रह गया, जो एक हफ्ते पहले 709.76 अरब डॉलर था। फरवरी अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 728.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इस दौरान गोल्ड रिजर्व का मूल्य 13.5 अरब डॉलर घटकर 117.2 अरब डॉलर रह गया।
आरबीआई ने अर्थव्यवस्था में डाले 65,322 करोड़
आरबीआई ने शुक्रवार को बैंकिंग प्रणाली में वीआरआर नीलामी के जरिये 65,322 करोड़ की नकदी डाली। वीआरआर यानी परिवर्तनीय रेपो दर बैंकों में नकदी डालने के लिए उपयोग की जाने वाली मौद्रिक नीति है। अग्रिम कर भुगतान और जीएसटी निकासी के कारण डाली गई राशि 75,000 करोड़ से कम रही। 26 मार्च तक बैंकों में 48,698.38 करोड़ रुपये की नकदी थी।
युद्ध से वैश्विक तेल आपूर्ति में रोजाना 1.1 करोड़ बैरल की कमी
पश्चिम एशिया युद्ध के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति से करीब 1.1 करोड़ बैरल प्रतिदिन की कमी आई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इस संकट को 1970 के दशक के तेल संकट और रूस-यूक्रेन गैस संकट से भी बड़ा बताया है। विश्लेषकों का अनुमान है कि युद्ध गहराया तो तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच सकती हैं। ईरान युद्ध को लेकर चल रही कूटनीतिक बातचीत के बीच शुक्रवार को तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई, लेकिन वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत मामूली गिरकर 107.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी घटकर 94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। पिछले कुछ हफ्तों में
