IPL और T20 वर्ल्ड कप ने टेस्ट फिक्स्चर प्रभावित किया
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जब 2026-27 के घरेलू सत्र का शेड्यूल जारी किया, तो एक बार फिर एक पुराना सवाल चर्चा में आ गया कि आखिर कोलकाता और मुंबई जैसे बड़े और नामी क्रिकेट स्टेडियम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैचों की मेजबानी से लगातार क्यों वंचित हैं?
कोलकाता और मुंबई में टेस्ट नहीं
ऑस्ट्रेलिया की टीम अगले साल जनवरी में भारत दौरे पर आएगी। 27 जनवरी से दोनों देशों के बीच प्रतिष्ठित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत पांच टेस्ट मैच खेले जाएंगे, लेकिन घोषित वेन्यू की सूची में कोलकाता का ऐतिहासिक ईडन गार्डेंस और मुंबई का प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम शामिल नहीं हैं। यह फैसला क्रिकेट प्रेमियों के बीच हैरानी और निराशा दोनों पैदा कर रहा है।भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मुकाबले हमेशा से हाई-वोल्टेज और रोमांच से भरपूर रहे हैं। ऐसे में देश के बड़े शहरों के फैंस को उम्मीद रहती है कि उन्हें इस प्रतिष्ठित सीरीज की मेजबानी का मौका मिलेगा। बीसीसीआई भी आमतौर पर अलग-अलग शहरों को मौका देने की कोशिश करता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैचों के मामले में कोलकाता और मुंबई को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।
कोलकाता के ईडन गार्डेंस में 2001 में मुकाबला
अगर इतिहास पर नजर डालें, तो कोलकाता के ईडन गार्डेंस में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी टेस्ट 2001 में खेला गया था। यह वही मुकाबला है, जिसे भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे महान मैचों में गिना जाता है। वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की ऐतिहासिक साझेदारी, साथ ही हरभजन सिंह और सचिन तेंदुलकर की शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने फॉलोऑन के बाद ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रच दिया था।इस जीत को आज भी ‘मिरेकल ऑफ ईडन गार्डेंस’ के रूप में याद किया जाता है। हैरानी की बात यह है कि इसके बाद ऑस्ट्रेलिया कई बार भारत दौरे पर आया, लेकिन ईडन गार्डेंस को फिर कभी इस मुकाबले की मेजबानी का मौका नहीं मिला। कोलकाता के ईडन गार्डेंस में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कुल सात टेस्ट खेले गए हैं। इनमें से भारतीय टीम ने दो टेस्ट औ
