कहानी में छिपा रूसी इतिहास का दिलचस्प पहलू
धुरंधर 2’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार कलेक्शन कर रही है। 600 करोड़ क्लब में यह फिल्म शामिल हो चुकी है। इन दिनों सोशल मीडिया पर फिल्म का क्लाइमैक्स सीन और इसमें बजा गया ‘रा रा रासपुतिन’ खूब ट्रेंड कर रहा है।
क्लाइमैक्स सीन में रासपुतिन गाना ही क्यों रखा गया?
बोनी एम म्यूजिक ग्रुप का गाना ‘रा रा रासपुतिन’ इन दिनों ‘धुरंधर 2’ के क्लाइमैक्स में सुनने को मिल रहा है। क्लाइमैक्स में जब आईएसआई चीफ शमशाद हसन (राज ज़ुत्शी) हमजा को पकड़ लेते हैं, उसे बुरी तरह मारते हैं तब अजय सान्याल (आर माधवन) यानी आईबी चीफ का फोन आता है। वह शमशाद को एक वीडियो भेजता है, जिसमें वह पाकिस्तानी सीक्रेट को इजरायली लोगों बेचते हैं। इसी वीडियो में ‘रा रा रासपुतिन’ गाना बजता है। यही वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाकर सान्याल, हमजा (रणवीर सिंह) को पाकिस्तान से बाहर निकालता है। अब सवाल है कि ‘रा रा रासपुतिन’ गाना ही क्यों इस सीन के लिए चुना गया है। दरअसल, यह महज एक गाना नहीं है, इस गाने में एक ताकतवर शख्स की बात की जाती है। इस शख्स का नाम रूस के इतिहास में बहुत गर्व से लिया जाता है। इसे शख्स ने रूस की राजनीति परिदृश्य को हिलाकर रख दिया था।
आखिर कौन था रासपुतिन?
18वीं में रूस के जार के महल में एक वैद्य था, उसका नाम ग्रिगोरी रासपुतिन था। कहा जाता है कि उसके बाद कुछ खास तरह की शक्तियां थीं। किसी तरह से उसने महारानी एलेक्जेंड्रा का दिल और भरोसा जीत लिया। उसके बेटे की बीमारी को ठीक कर दिया। आगे चलकर वह रूस के शासन को पर्दे के पीछे से चलाने लगा। वह सत्ता और शक्ति का दूसरा नाम बन चुका था। सत्ता का नशा उसके सिर पर चढ़कर बोलने लगा, वह अपने पद और शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने लगा। आखिर में जब उसके कारण रूस का शासन प्रभावित हुआ तो उसकी हत्या की साजिश रची गई।
आज भी रहस्य है रासपुतिन की हत्या
साल 1916 में रासपुतिन की हत्या करवा दी गई। लेकिन उसकी माैत इतिहास में अमर हो गई। कहा जाता है कि प्रिंस फैलिक्स यूसुपोव के कहने पर रासपुतिन को पहले साइनाइड वाला केक और शराब दी गई। इससे भी वह बच गया।
