Trinamool Congress की नई रणनीति, उत्तर-दक्षिण में अलग-अलग अभियान
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियां सभी दलों ने पूरे दमखम के साथ शुरू कर दी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पूरा फोकस इस बार बंगाल चुनाव में ही है. ऐसे में 15 सालों तक सत्ता में काबिज रहने वाली टीएमसी के लिए बड़ी चुनौती है. टीएमसी ने भी जीत के लिए सारे हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं और तैयारियों में जुट गई है. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तरी बंगाल से तो अपने भतीजे और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी को दक्षिण बंगाल की जिम्मेदारी सौंप दी है. दोनों भाजपा का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं. ममता बनर्जी और उनके भतीजे 24 मार्च से प्रचार-प्रसार की शुरुआत करेंगे।
उत्तर बंगाल में BJP से कैसे निपटेंगी ममता?
वैसे तो बंगाल टीएमसी का गढ़ माना जाता है, लेकिन उत्तर बंगाल भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है. इसलिए यहां का जिम्मा खुद सीएम ममता बनर्जी ने उठाया है. 24 मार्च को दार्जिलिंग जिले के माटीगारा और जलपाईगुड़ी के मैनागुड़ी से चुनावी सभा को संबोधित करेंगी. यहां टीएमसी पूरी ताकत के साथ भाजपा को टक्कर देने के लिए तैयार है. इन क्षेत्रों में भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी मजबूत स्थिति को बनाए रखा है।
हर वोटर्स पर TMC की नजर
उत्तर बंगाल पर टीएमसी अपनी एक बार फिर राजनीतिक प
