देश

यह देश सभी का है”—धर्म-जाति के आधार पर आंकने पर मोहन भागवत का बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कल रायपुर में कहा कि लोगों को जाति, धन या भाषा के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह देश सभी का है और यही भावना सच्चा सामाजिक सद्भाव है. पूरी दुनिया की भलाई भारत की भलाई पर ही निर्भर करती है, इसलिए यह दुनिया की भलाई का रास्ता है |

सरसंघचालक भागवत ने अपने संबोधन में सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण की जिम्मेदारी और अनुशासित नागरिक जीवन का आह्वान किया, साथ ही लोगों से मतभेदों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए मिलकर काम करने का अनुरोध किया |

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के सोनपैरी गांव में हिंदू सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव की दिशा में पहला कदम भेदभाव और अलगाव की भावनाओं को दूर करना है. उन्होंने कहा कि देश सभी का है और यही भावना सच्चा सामाजिक सद्भाव की तरह है |

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