अमेरिका-ईरान टकराव गहराया, सीनेट ने नहीं दी मंजूरी
तेहरान: अमेरिका और इजराइल के द्वारा ईरान पर किये गये हमले आज बुधवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया. युद्ध को लेकर हालात दिनों दिन बिगड़ते ही जा रहे हैं. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमले लगातार जारी हैं. वहीं, ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने घोषणा की कि एक अमेरिकी सबमरीन ने श्रीलंका के पास एक ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस (IRIS) डेना को डुबो दिया. जहाज पर सवार 180 नाविकों में से 32 को बचा लिया गया और 87 की लाशें बरामद की गई जबकि कई अभी भी लापता हैं. इस बीच बड़ी खबर आई कि अमेरिकी सीनेट ने ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति ट्रंप की मिलिट्री कार्रवाई ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को सीमित करने के मकसद से लाए गए वॉर पावर्स प्रस्ताव को वोट देकर खारिज कर दिया. ईरान की राजधानी में बुधवार को धमाके हुए. इजराइल ने ईरानी लीडरशिप और सिक्योरिटी फोर्स को निशाना बनाया. वहीं ईरान ने इजराइल और पूरे इलाके पर मिसाइल हमलों और ड्रोन हमलों से जवाब दिया. ईरान के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक तेहरान में धमाके सुबह-सुबह हुए. इजराइल की मिलिट्री ने कहा कि इजराइल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए उसके एयर डिफेंस को एक्टिवेट कर दिया गया था और यरुशलम के आसपास धमाकों की आवाज सुनी गई. होर्मुज स्ट्रेट से टैंकर मूवमेंट पर ईरान के कड़े कंट्रोल के साथ ब्रेंट क्रूड की कीमतें 82 यूएसडी प्रति बैरल से ज्यादा हो गई, जो लड़ाई शुरू होने के बाद से 13फीसदी से ज्यादा और जुलाई 2024 के बाद सबसे अधिक कीमत है. तेल की कीमतों में तेजी से दुनिया की इकॉनमी पर असर पड़ने और कॉर्पोरेट प्रॉफिट कम होने की चिंताओं के कारण ग्लोबल स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई. इसके साथ ही सऊदी अरब में अ
