ब्रिटेन में हो रहे शबाना महमूद के चर्चे बन सकती हैं देश की पहली मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री
लंदन। ब्रिटेन के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक नाम सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है-शबाना महमूद। लेबर पार्टी की यह दिग्गज नेता न केवल वर्तमान सरकार में जस्टिस सेक्रेटरी और लॉर्ड चांसलर की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों ने उन्हें भविष्य की प्रधानमंत्री पद की एक बेहद मजबूत और प्रभावशाली दावेदार के रूप में देखना शुरू कर दिया है। एक टैक्सी ड्राइवर की बेटी से लेकर देश की न्याय प्रणाली के सर्वोच्च पद तक पहुँचने का उनका सफर लाखों प्रवासियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
17 सितंबर 1980 को बर्मिंघम में जन्मी शबाना महमूद के पिता पाकिस्तान से ब्रिटेन आए थे। एक सामान्य प्रवासी परिवार में पली-बढ़ी शबाना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद बर्मिंघम विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और एक सफल बैरिस्टर के रूप में अपनी पहचान बनाई। कानून की बारीक समझ और सामाजिक न्याय के प्रति उनके झुकाव ने उन्हें राजनीति की ओर प्रेरित किया। साल 2010 में उन्होंने पहली बार बर्मिंघम लेडीवुड सीट से चुनाव जीता और ब्रिटिश संसद में कदम रखा। तब से लेकर आज तक, उन्होंने न केवल अपनी सीट पर लेबर पार्टी की पकड़ मजबूत रखी है, बल्कि संसद के भीतर भी महिलाओं के अधिकार और अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर प्रखरता से आवाज उठाई है।
शबाना महमूद की सबसे बड़ी ताकत उनकी व्यावहारिक और संतुलित राजनीति मानी जाती है। 2024 में ले
