पंजाब कांग्रेस में मची खींचतान के बीच शीर्ष नेतृत्व ने चेताया कहा- सार्वजनिक बयानबाजी की तो होगी कार्रवाई
नई दिल्ली। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ़ कर दिया कि पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। साथ ही पार्टी ने नेताओं को सख़्त हिदायत दी है कि संगठन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक मंचों, मीडिया या सोशल मीडिया में बयान न दें। ऐसे सभी विषय केवल पार्टी के आंतरिक मंचों और उच्च नेतृत्व के समक्ष ही रखे जाएं। उल्लेखनीय है प्रदेश के नेताओं के बीच मची खींचतान से शीर्ष नेतृत्व इस बार तुरंत अलर्ट हुआ। प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने आलाकमान से दखल की अपील की। लिहाजा, राज्य के बड़े नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, पंजाब प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। पंजाब से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा के.पी. सिंह, विजय इंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में पंजाब के सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही, जिसमें पार्टी को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
