मैं शांतिदूत… मैंने भारत-पाक युद्ध रुकवाया, शांति के नोबेले के लिए मुझसे बड़ा हकदार कोई नहीं: ट्रंप
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अपनी भूमिका को लेकर बड़ा दावा करते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध को रुकवाने का श्रेय खुद को दिया है। कहा मैं ही दुनिया का शांतिदूत हूं। ट्रंप ने अपनी उपलब्धियों का बखान करते हुए न केवल स्वयं को नोबेल शांति पुरस्कार का सबसे बड़ा हकदार बताया, बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हवाले से दावा किया कि ट्रंप के हस्तक्षेप की वजह से करोड़ों लोगों की जान बची। उन्होंने कहा कि पिछले साल मई 2025 में जब दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच युद्ध जैसे भीषण हालात बन गए थे, तब उन्होंने रैपिड ऑर्डर के जरिए इस टकराव को खत्म कराया था।
ट्रंप ने एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान कहा कि लोग उन्हें पसंद करें या न करें, लेकिन उन्होंने दुनिया के आठ बड़े युद्धों को सुलझाने में सफलता प्राप्त की है, जिनमें से कुछ संघर्ष पिछले 36 वर्षों से जारी थे। भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उस समय हवा में आठ लड़ाकू विमान गिराए जा चुके थे और दोनों दे
