मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को छेरछेरा पर्व की दी हार्दिक बधाई
रायपुर 2 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकपर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छेरछेरा महादान, सामाजिक समरसता और दानशीलता का प्रतीक पर्व है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध, गौरवशाली और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत परंपरा को सजीव रूप में अभिव्यक्त करता है। नई फसल घर आने की खुशी में यह पर्व पौष मास की पूर्णिमा को बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिन मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और जीवन के संरक्षण का संदेश देती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा ग्रहण की थी। इसी परंपरा के अनुरूप छेरछेरा पर्व पर धान के साथ-साथ साग-भाजी, फल एवं अन्य अन्न का दान कर लोग परस्पर सहयोग, करुणा और मानवता का परिचय देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छेरछेरा पर्व हमें समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और साझा समृद्धि की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस लोकपर्व को सद्भाव, उल्लास और पारंपरिक मूल्यों के साथ मनाने का आह्वान किया।
[4:57 PM, 1/2/2026] +91 94252 09173: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर किया नमन
रायपुर 2 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका महान समाज सुधारक एवं नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत स्वर्गीय श्रीमती सावित्रीबाई फुले की जयंती (3 जनवरी) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिला शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज में अनेक कुरीतियाँ और बंधन व्याप्त थे। उन्होंने न केवल महिलाओं को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर उन्हें शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। छुआछूत, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध उनका संघर्ष साहस, संकल्प और सामाजिक चेतना का अद्वितीय प्रतीक है।
