पाकिस्तान में बेटी को कॉलेज छोड़ने जा रहे पादरी को गोलियों से भूना
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटना पंजाब प्रांत की है, जहां एक पादरी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले ने पूरे ईसाई समुदाय को दहशत में डाल दिया है। अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम करने वाले प्रमुख संगठन ‘द वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी’ ने इस हत्या पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि यह घटना देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की असुरक्षा और बढ़ते कट्टरपन की भयावह हकीकत को सामने लाती है। डरावनी बात यह है कि इसी पादरी पर दो महीने पहले भी हमला हुआ था, लेकिन तब वह बच गए थे।
इस बार हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर मौत के घाट उतार दिया। पादरी कामरान अपने परिवार में पत्नी सल्मिना और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। मानवाधिकार संगठन ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान में न्याय की उम्मीद दिन पर दिन कमजोर पड़ती जा रही है। संगठन के अनुसार, 5 दिसंबर को पादरी कामरान अपनी बेटी को कॉलेज छोड़ने के लिए
