Google Analytics Meta Pixel
विदेश

इंडोनेशिया झेल रहा प्राकृतिक मार, बाढ़ और भूस्खलन से 400 से ज्यादा मौतें

जकार्ता। इंडोनेशिया इन दिनों प्राकृतिक कहर का सामना कर रहा है। करीब एक सप्ताह पहले आए ट्रॉपिकल साइक्लोन ‘सिन्यार’ ने सुमात्रा को ताबड़तोड़ बारिश, विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलनों में झोंक दिया। हजारों घर बह गए, सैकड़ों गांव कट गए और कई इलाके मिट्टी में दफन हो गए। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 440 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि कम से कम 400 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें से कई के मलबे में दबे होने की आशंका है।
मीडिया रिपोर्ट में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि अचेह, नॉर्थ सुमात्रा और वेस्ट सुमात्रा सबसे गंभीर रूप से प्रभावित इलाका है। एजेंसी प्रमुख सुहार्यांतो ने चेतावनी दी कि सेंट्रल तापनूली और सिबोल्गा पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं। इन इलाकों तक न सड़क पहुंच रही है, न संचार, और न ही राहत। समुद्र और हवाई रास्तों से आपूर्ति की जा रही है, लेकिन कई गांवों तक किसी भी तरह की सहायता अब तक नहीं पहुंची है। हजारों लोग खाने और पानी के इंतजार में कई दिनों से फंसे हैं।
दुर्गम स्थितियों के बीच भयावह स्थिति है। सुमात्रा के कई इलाकों में लोगों ने भूख से मजबूर होकर दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। स्थानीय पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि लोगों को नहीं पता था कि सहायता आ रही है, उन्हें डर था कि वे भूख से मर जाएंगे। इसलिए उन्होंने दुकानों से खाना और पानी उठाना शुरू कर दिया। स्थिति गंभीर है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बलों को तैनात किया गया है।
वेस्ट सुमात्रा की राजधानी पदांग से 100 किमी दूर सुनगई न्यालो गांव में पानी का बहाव भले ही कम हु

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *