बर्फ, भूख, थकावट और बीमारी से मारी गई थी नेपोलियन की सेना: शोध
लंदन । नेपोलियन बोनापार्ट ने अक्टूबर 1812 में जब रूस से अपनी विशाल सेना को पीछे हटने का आदेश दिया, तो उनके लिए यह विनाशकारी साबित हुआ। लगभग तीन लाख सैनिक बर्फ, भूख, थकावट और बीमारियों से जूझते हुए मारे गए। लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि कड़ाके की ठंड और भूख ही इस तबाही के प्रमुख कारण थे, लेकिन हाल ही में सामने आई एक नई स्टडी ने इतिहास के इस पन्ने को फिर से खोल दिया है। वैज्ञानिकों ने डीएनए एनालिसिस के जरिए पाया है कि इन सैनिकों की मौत में जूं से फैलने वाले बैक्टीरिया और दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों की भी बड़ी भूमिका थी। इस रिसर्च का नेतृत्व इंस्टीट्यूट पाश्चर के माइक्रोबियल पैलियोजेनोमिक्स यूनिट के प्रमुख निकोलस रास्कोवन और उनकी टीम ने किया। उन्होंने लिथुआनिया के विलनियस शहर में मिली एक सामूहिक कब्र से नेपोलियन की ग्रैंड आर्मी के सैनिकों के दांतों का डीएनए परीक्षण किया।
