तकनीकी खराबियां और संसाधनों की कमी से खतरे में विमानन सुरक्षा
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट 12 जून को उड़ान भरने के कुछ ही पल बाद क्रैश हो गई थी. इस भयानक हादसे में 1 यात्री को छोड़कर विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई. इसी के बाद संसद की एक समिति ने भारत की एविएशन सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी चेतावनी दी है. समिति ने कई बड़ी खामियों की ओर इशारा करते हुए तुरंत सुधार की जरूरत बताई है.
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) जिसकी अध्यक्षता जेडीयू के राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा कर रहे हैं. इस समिति ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों में अपनी 380वीं रिपोर्ट सिविल एविएशन सेक्टर में सुरक्षा की समग्र समीक्षा रिपोर्ट पेश की.
रिपोर्ट में समिति ने उठाए कई सवाल
इस रिपोर्ट में एयर इंडिया के AI 171 विमान में हुए हादसे का नाम नहीं लिखा गया है, लेकिन बैठक के दौरान सांसदों ने इस हादसे पर चर्चा की और एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के अधिकारियों को बुलाकर रिपोर्ट में देरी और जांच में तालमेल की कमी पर सवाल किए. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के सिविल एविएशन सेक्टर का तेजी से हो रहा विस्तार उसकी रेगुलेटरी और संचालन क्षमता पर भारी पड़ रहा है. लगातार सामने आ रही खामियां और संसाधनों की कमी ऐसे हालात पैदा कर रही हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
समिति ने चेतावनी दी कि 2030 तक जब भारत में हवाई यात्री की संख्या 300 मिलियन (30 करोड़) सालाना पार कर जाएगी, तब बिना सोचे-समझे बेड़े का विस्तार, थके हुए कर्मचारी, अधूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं और पुराना बुनियादी ढांचा मिलकर भविष्य में और गंभीर हादसे का जिम्मेदार बन सकता है.
अध्यक्ष झा ने कहा कि यह रिपोर्ट जनता का भरोसा वापस लाने के लिए तुरंत सुधारों का रोडमैप है. बैठक के दौरान सां
