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‘टाइम बम’ से खेलते रहे लोग, फिर इतने समय बाद क्‍यों सताई भारतीय रेगुलेटरों को चिंता?

नई दिल्‍ली: निवेश की दुनिया के बादशाह कहे जाने वाले वॉरेन बफे ने दो दशक पहले ही डेरिवेटिव्स को लेकर आगाह किया था। उन्होंने इसे ‘टाइम बम’ बताया था। भारत में भी पिछले कुछ सालों में शेयर बाजार में तेजी के साथ युवा निवेशकों ने डेरिवेटिव्स में जमकर पैसा लगाना शुरू कर दिया है। लेकिन, अब सरकार और नियामक संस्थाएं इस बेलगाम होते बाजार पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही हैं। काफी समय पहले ही वॉरेन बफे ने अपनी कंपनी बर्कशायर हैथवे के शेयरधारकों को लिखे अपने एक वार्षिक पत्र में डेरिवेटिव्स को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था, ‘हम इन्हें टाइम बम की तरह देखते हैं, जो न सिर्फ कारोबार करने वालों बल्कि पूरी आर्थिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं।’ बफे ने डेरिवेटिव्स को ‘वित्तीय विनाशकारी हथियार’ बताते हुए कहा था कि इनसे होने वाले खतरे अभी छिपे हुए हैं, लेकिन ये बेहद घातक साबित हो सकते हैं।’

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