होटलों की ऑक्यूपेंसी इस साल 70% तक पहुंचेगी
इस साल मार्च तक देश में होटलों की रूम ऑक्यूपेंसी 70% तक पहुंचने का अनुमान है। डिमांड और सप्लाई के बीच अंतर के चलते इस साल कोविड पूर्व की तुलना में किराया भी 8-10% बढ़ सकता है। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी जेफरीज की इंडिया लॉजिंग रिपोर्ट में ये अनुमान लगाया गया है।
जेफरीज के मुताबिक, देश का होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर बीते साल काफी मजबूती से उभरा। 2023 में इसके नई ऊंचाई पर पहुंचने उम्मीद है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि कोविड-19 के बाद बीता साल होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए काफी अच्छा रहा। होटलों का किराया काफी तेज गति यानी सालाना आधार पर 20-30% की दर से बढ़ा, लेकिन अब यह दर थोड़ी धीमी हो सकती है।
जेफरीज की रिपोर्ट और होटल इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक इस साल देश में कई अंतरराष्ट्रीय आयोजन हो रहे हैं जिसकी वजह से लगातार विदेशी पर्यटकों का आगमन होता रहेगा और होटल इंडस्ट्री को इससे फायदा मिलेगा। इसमें फिलहाल चल रहे जी-20 समिट के आयोजन, हॉकी वर्ल्ड कप, नवंबर-दिसंबर में क्रिकेट वर्ल्ड कप के अलावा शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन सम्मेलन भी है। ऐसे कई देशी-विदेशी आयोजनों का फायदा होटल इंडस्ट्री को मिलेगा।
