रिटायरमेंट के बाद देशभर में आखिर सड़कों पर क्यों उतरे हैं?
नई दिल्ली: सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल और विवादों का चोली-दामन का रिश्ता रहा है। एक बार फिर ऐसा हुआ है। इस बार वजह है पेंशन रिवीजन। इसे लेकर देशभर में बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने पेंशन रिवीजन की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इसमें 2017 से कोई संशोधन नहीं हुआ है। वे चाहते हैं कि पेंशन को सातवें वेतन आयोग (CPC) के अनुसार रिवाइज किया जाए। पेंशनर्स का आरोप है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है। जब 2000 में बीएसएनएल बनी थी तब एग्रीमेंट हुआ था कि कर्मचारियों की पेंशन केंद्र सरकार देगी। पेंशन तो दी गई। लेकिन, अन्य केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर 7वें वेतन आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार इसमें रिवीजन नहीं हुआ। 2017 से यह मामला लंबित है। आखिर ये पूरा मामला क्या है? कर्मचारियों की मांग कितनी जायज है?
