PAK प्रेसिडेंट के खिलाफ महाभियोग की तैयारी:
पाकिस्तान की सियासत में उथल-पुथल जारी है। शाहबाज सरकार, राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी के खिलाफ महाभियोग की तैयारी में है। सरकार के सांसदों का आरोप है कि अल्वी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी हैं। अल्वी ने सत्ता हस्तांतरण में संविधान का उल्लंघन किया है। इसलिए उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाना जरूरी है।
क्यों उठी महाभियोग की मांग
दरअसल, इस राजनीतिक पटकथा की शुरुआत 6 अक्टूबर को हुई। राष्ट्रपति अल्वी ने संविधान के अनुच्छेद 54-1 और 56-3 के तहत संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था। इसके बाद ही महाभियोग की मांग उठ रही है। अल्वी ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने और ध्रुवीकरण को समाप्त करने की बात कही थी।
हालांकि, राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान भी हॉल करीब-करीब खाली था। 422 में से केवल 15 सांसद उपस्थित थे। PML-N, PPP और JUI-F के सांसदों ने बिना किसी पूर्व सूचना के राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया।