1 फरवरी से जीएसटी के साथ देना पड़ेगा ये चार्ज
रिजर्व बैंक ने 1 जनवरी से एटीएम से पैसे निकालने की मुफ्त सीमा के बाद ट्रांजेक्शन फीस में बढ़ोतरी कर दी है। वहीं अब भारतीय स्टेट बैंक ने 1 फरवरी 2022 से एक और चार्ज बढ़ाने की तैयारी कर ली है। अगर आपका भी खाता भारतीय स्टेट बैंक में है तो आपको झटका लग सकता है। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार बैंक ने 1 फरवरी 2022 से आईएमपीएस ट्रांजेक्शन में एक नया स्लैब जोड़ा है, जो 2 लाख से 5 लाख रुपये का है।
2 लाख से 5 लाख रुपये के बीच आईएमपीएस ट्रांजेक्शन का चार्ज 20 रुपये और जीएसटी लगेगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर 2021 में आईएमपीएस के जरिए ट्रांजेक्शन की सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया था। आईएमपीएस सेवा बैंकों की तरफ से दी जाने वाली वजह सर्विस है, जिसके जरिए रियल टाइम में इंटरबैंक फंड ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहती है।
नए साल यानी 1 जनवरी से एटीएम से कैश निकालना (Cash ATM Transaction) महंगा हो गया है। एक जनवरी से ग्राहकों को फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन (Non-Cash ATM Transaction) की सीमा पार करने के बाद अभी की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। पिछले साल तक बैंक के एटीएम या कैश रिसाइक्लिर मशीन से कैश और नॉन-कैश ट्रांजेक्शन करने पर महीने में पहले 5 वित्तीय ट्रांजेक्शन फ्री होते थे। इसके बाद 20 रुपये प्रति वित्तीय ट्रांजेक्शन का चार्ज लगता था, लेकिन अब 1 जनवरी 2022 से यह चार्ज 21 रुपये प्रति वित्तीय ट्रांजेक्शन हो गया है।
