Google Analytics Meta Pixel
देशफीचर्ड

झट से CM क्यों बदल देती है बीजेपी, क्या मोदी फैक्टर है वजह

नई दिल्ली
भाजपा ने अचानक गुजरात में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को हटाकर एक नए चेहरे को कमान सौंपी तो चर्चा होने लगी कि मोदी-शाह ने फिर चौंकाया। यह पहली बार नई नहीं है, इससे पहले हरियाणा, उत्तराखंड, कर्नाटक में भी बीजेपी के फैसलों पर यही कहा गया था। कद्दावर नेता अपनी तैयारी में जुटे रहते हैं, कोई पूजा करता दिखता है, तो कोई कहता है कि मैं रेस में नहीं हूं, मीडिया के कैमरे चर्चित चेहरों पर ‘जूम’ करते हैं और जब नाम सामने आता है तो हर कोई हैरान रह जाता है। एक सवाल सबके मन में रहता है कि आखिर इस फैसले की वजह क्या है? इसे पद्म पुरस्कारों की तरह तो नहीं देख सकते जिनके बारे में मोदी सरकार में कई बार कहा गया है कि लोग अपने आसपास के उन टैलंट्स को आगे करें जिनपर कम लोगों का ही ध्यान जाता है। कांग्रेस पर बीजेपी हमले भी करती रही है कि उसने ‘अपनों’ को ही पुरस्कार बांट दिए। पर यहां तो सत्ता की बात है और ऐसे फैसले चुनाव, समीकरण, अनुभव आदि देखकर लिए जाते हैं। आइए समझने की कोशिश करते हैं।

‘अनजान’ चेहरे पर ज्यादा भरोसा क्यों
ताजा उदाहरण गुजरात का ही है। जिस समय उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया में से किसी एक को सीएम बनाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, बीजेपी ने एक ‘गुमनाम’ चेहरे को आगे कर दिया। अगर अनुभव ही मायने रखता है तो डेप्युटी सीएम भी तो कतार में थे? वैसे भी डिप्टी का पद ही इसलिए होता है कि वह मुख्य की गैरमौजूदगी में सबकुछ संभाल सके। अगर, पाटीदार नेता को ही सीएम बनाना था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वासपात्र केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी तो थे? ऐसे में सवाल वही है कि हर बार किसी नए चेहरे को सीएम बनाने की वजह क्या है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *