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मां से मिलते ही भावुक हुई वंदना, गले लगकर खूब रोईं ओलिंपिक में इतिहास रचने वाली बेटी

हरिद्वार
ओलिंपिक से इतिहास रचकर भारतीय महिला हॉकी टीम स्वदेश लौट आईं। स्टार स्ट्राइकर वंदना कटारिया जब अपने घर पहुंचीं तो उनका जमकर स्वागत हुआ। रास्ते भर गाजे-बाजे के साथ जश्न मनाया जा रहा था। मां से मिलते ही वह भावुक हो गईं।

मां के गले लिपटकर रोईं
तीर्थनगरी हरिद्वार पहुंचकर उन्होंने कहा कि, ‘हम लोग मेडल के बहुत नजदीक थे, मेडल नहीं जीत पाए, लेकिन हमने भारत में लोगों का दिल जीता है। आने वाले समय में भारतीय टीम जरूर गोल्ड मेडल जीतेगी। वंदना जब प्रैक्टिस में बिजी थी उस दौरान पिता का साथ छूट गया। वापस आकर मां से गले लगकर पिता के सपने को भी याद किया।

ब्रॉन्ज मेडल मैच हारा था भारत
ओलिंपिक के एक मैच में तीन गोल करने का रेकॉर्ड वंदना कटारिया के नाम है। भारत की ओर से वह सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी थीं। ग्रेट ब्रिटेन ने 3 के मुकाबले 4 गोल मारकर भारतीय महिलाओं को हराया था। एक समय पिछड़ने के बाद भारतीय बेटियों ने ताबड़तोड़ गोल दाग मुकाबले में बढ़त बना ली। एक गोल वंदना कटारिया का भी रहा। उन्होंने अपने गोल से केवल विपक्षी टीम को पीछे नहीं धकेला बल्कि उन युवकों को भी करारा जवाब दिया, जिन्होंने पिछले मुकाबले में हार के बाद हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित उनके घर के बाहर पटाखे फोड़कर जश्न मनाया और जातिसूचक टिप्पणियां कीं।