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छत्तीसगढ़

और भी सेक्स रेकेट सक्रिय होने का अंदेशा, ब्लैकमेलिंग से बचाने प्रयास जरूरी

दक्षिणापथ, दुर्ग। दुर्ग भिलाई में भी कहीं कहीं सेक्स रैकेट चलने की खबर है। हालांकि इसे संगठित व्यापार की तरह नही चलाया जा रहा हो मगर इसकी सक्रियता से इंकार नही किया जा सकता। हाल में भिलाई व रायपुर में पुलिस ने जिस्म के सौदागरों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। दुर्ग में इस अपराध को अंजाम देने वालो तक पुलिस की पहुँचने की दर काफी कम है। इसका यह मतलब नहीं, कि यह धंधा यहां न चल रहा हो। हाई प्रोफाइल सेक्स रेकेट को पकड़ पाना एकदम आसान नही होता। क्योंकि टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है। सूत्र यह भी बताते है सेक्स वर्कर उपलब्ध कराने के नाम पर बेवकूफ बना कर पैसा ऐंठने वाले लोग भी यहां सक्रिय है। लुटे पिटे लोग बदनामी व अन्य कारणों से पुलिस के पास शिकायत नही पहुंचा पाते।
गुपचुप तरीके से गर्म गोश्त का धंधा छोटे स्तर पर चलते ही रहता है। बिना सिंडिकेट बनाये यदि वैयक्तिक स्तर पर कोई यह धंधा चला रहा हो, तो इसकी खबर आम नही हो पाती, बिना सूचना के कार्यवाही करना सम्भव नही।
कतिपय लोग बताते है कि आजकल सेक्स वर्कर के लोग ग्राहकों का वीडियो क्लिप भी बना लेते है तथा आगे ब्लैकमेल को अंजाम देते है। सोशल मीडिया में यह रिफ्लेक्शन देखने को मिलता है। आधुनिक संचार क्रांति ने छोटे शहरों को भी मॉडर्न बना दिया है। लोगो को इस तरह लूटने व धन उगाही की प्रवृत्ति भिलाई दुर्ग जैसे शहरों में भी चलने का अंदेशा है। पीड़ित लोगों को पुलिस द्वारा यह विश्वास दिलाये जाने की जरूरत है कि ब्लैक मेलिंग से बचने के लिए वे पुलिस की मदद बिना संकोच के ले सकें। ताकि इस तरह की दुष्प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाया जा सके।