छत्तीसगढ़

जेएसपीएल फाउंडेशन तमनार द्वारा विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

वर्ष के थीम “स्वच्छ कल के लिए आरक्षित भोजन पर परिचर्चा”
-संतुलित व पौष्टिक भोजन विभिन्न खाद्य निक रोगों पर नियंत्रण
दक्षिणापथ रायगढ़ (सरोज श्रीवास)।
तमनार -जेएसपीएल फाउंडेशन, जेपीएल तमनार द्वारा “विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस” 7 जून के अवसर पर ग्राम सीतापारा, कचकोबा में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर यहां निवासरत अत्यंत पिछड़े संरक्षित आदिवासी बिरहोर समुदाय के परिवारों के मध्य खाद्य जनित बीमारियों के विषय, लक्षण और इसके समुचित निराकरण पर विस्तृत परिचर्चा की गई! इस अवसर पर इस वर्ष के थीम ‘स्वस्थ कल के लिए आज सुरक्षित भोजन’ पर परिचर्चा करते हुए ग्रामीणों को भोजन की सुरक्षा, रखरखाव और इनके पौष्टिकता के विषय में जानकारी व इनकी सुरक्षा पर विचार मंथन की गई । विश्व स्वास्थ्य संगठन खाद्य जनित रोगों के दुष्प्रभावों से अवगत होते हुए इसके संपूर्ण निराकरण के लिए प्रतिबद्धता दर्शाते हुए सन 2018 से प्रत्येक वर्ष 7 जून को एक खास दिन, एक उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया! विश्व खाद सुरक्षा के लिए इस वर्ष kका थीम ‘स्वस्थ कल के लिए आरक्षित भोजन’ है। जो सुरक्षित भोजन उत्पन्न कर, इसके ग्रहण पर जोर देता है! भोजन का सुरक्षित होना मनुष्य, धरती एवं अर्थव्यवस्था को त्वरित और लंबे समय तक लाभ पहुंचाता है।

भोजन और आवास जिंदगी की अहम आवश्यकता है। प्रत्येक मनुष्य अपने अस्तित्व के लिए रोटी, कपड़ा और मकान पर निर्भर है। भोजन हमारे शरीर के विकास को बनाए रखने के लिए आवश्यक पोषक तत्व कार्बोहाइड्रेट्स, फैट्स और प्रोटीन उपलब्ध कराता है। जिसको प्राप्त कर प्रत्येक उम्र का व्यक्ति स्वस्थ व संतुलित जीवन व्यतीत कर सकता है। इस अवसर पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन घने जंगलों के मध्य स्थित, विशेष संरक्षित आदिवासी मोहल्ला सीतापारा, कचकोबा में आयोजित की गई। यहां के रहवासी प्रायः अपनी आजीविका के लिए वनों पर आश्रित है तथा रस्सी, गेरवां बनाकर रोजी मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए शासन की अनेक योजनाओं के साथ-साथ जेएसपीएल फाउंडेशन, सीएसआर जेपीएल द्वारा भी अपने सामाजिक उत्तरदायित्व निर्वहन के अंतर्गत इन बिरहोर परिवारों की बेहतरी के लिए अनेक विकास कार्य संपादित कर रही है। संस्थान द्वारा यहां बालवाड़ी सेंटर की स्थापना की गई है तथा इस में अध्ययनरत बच्चों के साथ-साथ अन्य सभी बच्चों को प्रत्येक दिन पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराई जाती है। यहां के निवासियों से आग्रह किया गया कि वे बासी भोजन के स्थान पर ताजा, पौष्टिक व सुरक्षित भोजन के साथ फलों का सेवन करें और विभिन्न रोगों से अपने व् अपने परिवार को सुरक्षित रखें! इस दौरान सभी बिरहोर परिवारों से निवेदन किया गया, की वे मास्क, सेनिटीज़र का उपयोग करते हुए सामाजिक दूरी का अवश्य पालन करें और कोरोना संक्रमण से दूर रहे! इस दौरान उन्हें मास्क का उपलब्ध कराई गई।