मैं क्या करती ऐसे लोगों का, मैं पुलिस को शिकायत कर ऊर्जा नहीं खराब नहीं करना चाहती थी…कोरोना से मदद मांगने वाली महिलाओं की आपबीती
नई दिल्ली
कोरोना महामारी के दौरान सोशल मीडिया एक बड़ा हथियार साबित हुआ। जब लोगों को ऑक्सिजन सिलेंडर, रेमेडिसवर, फैबी फ्लू जैसी जरूरी दवाएं नहीं मिल रही थीं तब वो इस सोशल मीडिया का सहारा लेकर इसकी आपूर्ति कर रहे थे। लेकिन इस दौरान कई ऐसे भी लोग थे जो सोशल मीडिया से महिलाओं के नंबर लेकर उनको परेशान कर रहे थे। कई महिलाओं से वो मदद के नाम पर उनका नंबर लेते थे और बाद में उनको परेशान करने लगे। कुछ दिनों पहले दिल्ली महिला आयोग ने भी इस पर सख्त एक्शन लेने की बात कही थी।
‘पहले प्रोफाइल पिक हटाई, फिर मदद मांगी’
पूर्व सिविल सर्वेंट महिमा ने बताया कि जब वो और उनका भाई अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए ऑक्सिजन और सिलेंडर खोज रहीं थीं तो उन्होंने सबसे पहले अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदली। उन्होंने बताया कि मुझे पहले से मालूम चला था कि कई लोग आपकी प्रोफाइल पिक्चर सर्च करके फिर आपके नंबर पर फोन करके आपको परेशान कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं जानती थी कि मेरा नंबर सोशल मीडिया पर जाएगा तो मैं इसको लेकर रिस्ट नहीं ले सकता थी।
‘ब्लॉक करते गए, आगे बढ़ते गए’
महिमा ने आगे कहा कि इसी तरह उन्होंने कई महिला वॉलंटियर को सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा करने को कहा। पुरुषों को ये सब करने की जरूरत नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि ऐसे में अब क्या करें। या तो लोगों की मदद छोड़कर उनकी शिकायत करें या फिर उनको ब्लॉक करके आगे बढ़ा जाए। क्योंकि वो समय बहुत कठिन था हर पल लोगों की सांसें थम रहीं थीं।
ब्लॉक लिस्ट बढ़ती चली गई
आईटी कंपनी में काम करने वाली माधवी ने कहा, ‘ ईमानदारी से कहूं तो ये एक साधारण बात है। पहले अगर कोई मुझे सोशल मीडिया में ऐसे परेशान करता था तो मैं उसको गाली देकर ब्लॉक करती थी और फिर पुलिस से भी शिकायत दर्द कराती थी मगर इस बार हालात दूसरे थे। मैं अपनी ऊर्जा को यहां पर खर्च नहीं कर सकती थी। मैं लोगों के लिए ऑक्सिजन सिलेंडर, दवाइयां, इंजेक्शन और अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी और बाकी सामानों की व्यवस्था करने में जुटे हुई थी। इस लिए मैं सिर्फ ऐसे लोगों को तुरंत ब्लॉक करके आगे बढ़ती गई। हर दिन ब्लॉक लिस्ट का आंकड़ा बढ़ता चला गया।
ऐसे लोगों ने कोरोना पीड़ित महिलाओं को नहीं बख्शा
जो महिलाएं खुद और अपने परिवार वालों के लिए मदद मांग रहीं थीं उनको भी इसका शिकार होना पड़ा। ट्विटर से उनका फोन नंबर लेकर बाद में मैसेज और बार-बार फोन किया जाने लगा। महिलाएं इससे तंग आ गईं। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस बारे में ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि किस तरह से महिलाओं को मदद मांगने पर उनके नंबर का मिसयूज किया जा रहा था।
दिल्ली महिला आयोग सख्त
कुछ दिनों पहले महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालिवाल ने कहा कि इस आपदा में भी कुछ मनचले मौके का फायदा उठा रहे हैं और सोशल मीडिया पर अस्पताल, दवाई वगैरह के लिए मदद मांग रही महिलाओं को अश्लील कमेंट कर रहे हैं या उन्हें कॉल कर रहे हैं। मालिवाल ने बताया कि ट्विटर पर ऐसी कई शिकायतों पर दिल्ली महिला आयोग ने गौर किया है। साथ ही, आयोग को कुछ शिकायतें भी मिली हैं।
यहां पर करें शिकायत
स्वाति ने कहा था, किसी भी महिला के साथ या किसी की परिचित महिला के साथ ऐसी बदतमीजी हुई है तो वो दिल्ली महिला आयोग को livingpositive@gmail.com पर ईमेल कर शिकायत भेज सकते हैं। इस तरह से लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। आयोग ने कहा है कि इस ईमेल आईडी पर शिकायत की पूरी जानकारी दी जा सकती है। दिल्ली महिला आयोग के हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी शिकायत की जा सकती है।