सूरज की रोशनी से घर रोशन, चार महीने से बिजली बिल शून्य
सेवा संकल्प की कहानी
पीएम सूर्य घर योजना से श्यामा मजूमदार को मिली दोहरी राहत, बिजली खर्च में बचत के साथ ग्रिड में जा रही अतिरिक्त बिजली
रायपुर, 14 अक्टूबर 2026/ बस्तर संभाग के सुकमा जिले के पटनमपारा निवासी श्रीमती श्यामा मजूमदार के घर की बिजली जरूरतें अब सूरज की रोशनी से पूरी हो रही हैं। कभी हर महीने 300 से 500 रुपए तक आने वाला बिजली बिल पिछले चार महीनों से शून्य दर्ज हो रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर लगाए गए 3 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल ने उनके परिवार को बिजली खर्च से बड़ी राहत दी है। खास बात यह है कि घर की जरूरत पूरी होने के बाद बची हुई बिजली भी बेकार नहीं जा रही, बल्कि ग्रिड में पहुंच रही है। इसके बदले उनके बिजली खाते में क्रेडिट जमा हो रहा है।
श्रीमती श्यामा बताती हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल चुकाना घरेलू खर्च का नियमित हिस्सा था। सोलर पैनल लगने के बाद अब बिजली की जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और मासिक बिल की चिंता कम हुई है। बिजली उत्पादन घर की खपत से अधिक होने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती है। इस तरह सौर ऊर्जा उनके परिवार के लिए बिजली बचत का जरिया बन गई है।
1.08 लाख रुपए की सब्सिडी से सोलर पैनल लगवाना हुआ आसान
श्रीमती श्यामा को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल की स्थापना के लिए कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी मिली है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपए और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 30 हजार रुपए की सहायता शामिल है। इस आर्थिक सहयोग से उनके लिए सोलर पैनल लगवाना आसान हुआ। अब उन्हें हर महीने बिजली खर्च में बचत का लाभ मिल रहा है।
