कौशल विकास से खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
प्रदेश के 30 शासकीय आईटीआई बनेंगे आधुनिक एवं उद्योगोन्मुखी कौशल विकास केंद्र
पीएम-सेतु योजना के तहत छह क्लस्टरों में आईटीआई के उन्नयन की तैयारी, लगभग 1,446 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित
दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए भिलाई स्टील प्लांट एवं एनएमडीसी लिमिटेड बने उद्योग भागीदार, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में एमओयू संपन्न
उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर
छह हब और 24 स्पोक आईटीआई के माध्यम से तैयार होगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण नेटवर्क
रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल से सशक्त बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। तेजी से बदलती तकनीक और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में पीएम-सेतु योजना के प्रदेश में क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए क्रमशः भिलाई स्टील प्लांट और एनएमडीसी लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। इन दोनों प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों की भागीदारी से आईटीआई में प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने और युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास को रोजगार और औद्योगिक प्रगति से जोड़ने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पीएम-सेतु योजना इसी दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के माध्यम से आईटीआई को केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि आधुनिक कौशल, नवाचार, रोजगार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में नए उद्योगों और निवेश के विस्तार के साथ विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग भी बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध हो और प्रदेश के युवाओं को अपने कौशल के अनुरूप रोजगार के बेहतर अवसर मिलें।
प्रदेश के 30 आईटीआई का होगा कायाकल्प
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के अंतर्गत देशभर के एक हजार शासकीय आईटीआई को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश का प्रावधान किया गया है।
योजना का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक तकनीक एवं उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना, प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना और युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।
छत्तीसगढ़ में पीएम-सेतु योजना के क्रियान्वयन के लिए दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर सहित छह क्लस्टर चयनित किए गए हैं। इनमें छह हब आईटीआई और 24 स्पोक आईटीआई सहित कुल 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन प्रस्तावित है।
प्रदेश के छह क्लस्टरों में पांच वर्षों की अवधि में लगभग 1,446 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 241 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इसके अंतर्गत हब आईटीआई के लिए 81 करोड़ रुपए तथा प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
योजना में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित उद्योग भागीदार की वित्तीय सहभागिता क्रमशः 50 प्रतिशत, 33 प्रतिशत और 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इसके माध्यम से आईटीआई में आधुनिक मशीनों, उपकरणों, प्रयोगशालाओं और तकनीकी संसाधनों के साथ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
उद्योग और आईटीआई के बीच मजबूत होगी साझेदारी
