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विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से तैयार होंगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू करेंगे पद्म भूषण पुलेला गोपीचंद, प्रदेश की प्रतिभाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण

खेल प्रतिभाओं को अवसर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता, खेल विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान

बस्तर ओलंपिक से सामने आ रही दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाएं, दूसरे वर्ष लगभग 3.91 लाख खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

खेल उत्कृष्टता, आधुनिक सुविधाओं और निवेश को प्रोत्साहित करने के राज्य सरकार के प्रयासों की श्री गोपीचंद ने की सराहना

रायपुर  अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार इसी दिशा में योजनाबद्ध रूप से आगे बढ़ रही है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के जोरा में आयोजित सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी और युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्लब के संस्थापकों और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक श्री पुलेला गोपीचंद का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय बैडमिंटन को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उनके मार्गदर्शन में अनेक खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। नवा रायपुर में उनकी बैडमिंटन अकादमी की शुरुआत प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का निर्माण भी करते हैं। खेलों में निवेश वास्तव में हमारी युवा पीढ़ी और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य में निवेश है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दे रही है।

बस्तर ओलंपिक ने बदली तस्वीर, गांवों से निकलकर मैदान तक पहुंच रहे युवा

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का सशक्त मंच बना है। बस्तर ओलंपिक के पहले वर्ष में लगभग एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग तीन लाख 91 हजार हो गई। खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी बताती है कि बस्तर के युवाओं में खेलों को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है और क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में आज युवा बंदूक और हिंसा से दूर होकर खेल, शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से अपने भविष्य को संवारने के लिए आगे आ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि सुदूर गांव की प्रतिभा को भी वही अवसर और मंच मिले, जो बड़े शहरों के खिलाड़ियों को उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया’ के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय खेलों का सफल आयोजन किया गया है। प्रदेश के खिलाड़ी भी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव तथा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अपने परिश्रम और प्रतिभा से प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं।

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