सेवा संकल्प अभियान नारायणपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन’ का शुभारंभ
बच्चों का परिचय, गोद भराई और अन्नप्राशन उत्सव से गूंजे केंद्र
रायपुर,29 सितंबर 2026/
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नारायणपुर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। जिले के विभिन्न सेक्टरों एवं परियोजनाओं—अमगांव, बेलगांव, ओरछा, कोहकामेटा, बेनुर और छोटेडोंगर सहित दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सोमवार को नगर पालिका क्षेत्र के बांग्लापारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और नागरिकों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया। केंद्रों में आकर्षक सजावट के साथ-साथ रंगोली के माध्यम से बच्चों के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया।
बच्चों से संवाद, आत्मीय वातावरण
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने बच्चों से परिचय लिया, उनसे बातचीत की और उनके रुचियों व गतिविधियों के बारे में जाना। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना है कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण आहार वितरण का स्थल नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र और सर्वांगीण विकास का सशक्त केंद्र हैं।
परंपरागत रीति-रिवाजों से गोद भराई और अन्नप्राशन
‘आंगन मिलन’ के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 6 माह पूर्ण कर चुके शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों, नियमित जांच और संतुलित आहार के बारे में जागरूक किया गया, वहीं अन्नप्राशन के जरिए शिशुओं के लिए समय पर पूरक पोषण आहार की शुरुआत के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
सामुदायिक सहभागिता और विभागीय योजनाओं की जानकारी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित माताओं और अभिभावकों को टीकाकरण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, शिक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य,पार्षद सहित अन्य महिला प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार के जन-भागीदारी वाले कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे ताकि पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास की सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
